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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में चौथे महीने बाद होता है पेट में दरà¥à¤¦, तो हो जाà¤à¤‚ सावधान!
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान पेट दरà¥à¤¦ केवल गैस की वजह से नहीं होता है, इसके लिठदूसरे कारक à¤à¥€ जिमà¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होते हैं, इस सà¥â€à¤²à¤¾à¤‡à¤¡à¤¶à¥‹ में पढि़ये कि यह समसà¥â€à¤¯à¤¾ गैसा है या कà¥à¤› और।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान पेट दरà¥à¤¦
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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पेट में जकड़न या à¤à¤‚ठन होना आमतौर पर सामानà¥à¤¯ है। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ यह दरà¥à¤¦ पेट में गैस बनने के कारण होता है? जी हां यह à¤à¥€ संà¤à¤µ है लेकिन इसके अलावा à¤à¥€ इसके दूसरे कारण à¤à¥€ हो सकते हैं। दरअसल इस समय आपके गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠसे गरà¥à¤ का आकार बड़ा हो रहा होता है। जिसके चलते अगल-बगल के अंग, आंत, मांस-पेशियों, लिगामेंट आदि पर à¤à¥€ à¤à¤¾à¤° व तनाव पड़ता है। जिसके कारण पेट में दरà¥à¤¦ होता है। चलिये जानें पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान पेट दरà¥à¤¦ की कà¥à¤¯à¤¾ संà¤à¤µ वजहें हो सकती हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलना चाहिà¤
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यदि दरà¥à¤¦ हलà¥à¤•ा है और कà¥à¤› ही समय के लिठरहता है, तो वह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सामानà¥à¤¯ बात है। यह पेट में गैस के कारण à¤à¥€ हो सकता है। लेकिन अगर दरà¥à¤¦ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो और ठीन न हो रहा हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• जरूर करना चाहये। दरà¥à¤¦ के साथ यदि बà¥à¤–ार, योनी से खून या मवाद आना, चकà¥à¤•र आना, कमजोरी महसूस होना आदि लगना इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ आदि लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ नज़र आà¤à¤‚ तो यह गैस का दरà¥à¤¦ नहीं है।
इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚टेशन
इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚टेशन
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पहले हफà¥à¤¤à¥‡ में नवजात à¤à¤®à¤¬à¥à¤°à¥à¤¯à¥‹ (बीज) का यà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¸ के दीवार से सट जाने को इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚टेशन कहा जाता है। यह दरअसल गरà¥à¤ के शà¥à¤°à¥‚आत में होता है। लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ इसके साथ वजीना से हलà¥à¤•ा खून à¤à¥€ आ सकता है।
कबà¥à¤œ की वजह से
कबà¥à¤œ की वजह से
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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान यà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¸ का आंतों पर दवाब पड़ने के कारण कà¤à¥€-कà¤à¥€ कबà¥à¤œ की शिकायद होना आम बात है। इससे बचने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पानी पीना चाहिठऔर आहार में हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤• सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾ को बढ़ाना चाहिà¤à¥¤ Images
कà¥à¤°à¥‡à¤®à¥à¤ªà¤¿à¤‚ग या लेबर पेनà¥à¤¸
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डिलिवरी का टाइम आने पर पेट में दरà¥à¤¦ कà¥à¤› अलग तरह से आता है। साधारणतौर पर यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का समय पूरा हो जाने पर ही होता है। यह दरà¥à¤¦ हर 5 मिनट पर आता है और काफी तेज़ होता है जैसे कि पीठदरà¥à¤¦ या मासिक धरà¥à¤® में होता है। इसके साथ ही योनी से पानी या खून à¤à¥€ आ सकता है। कई बार यह दरà¥à¤¦ गरà¥à¤à¤•ाल पूरा होने से पहले à¤à¥€ हो सकता है, जिसे पà¥à¤°à¥€à¤®à¥‡à¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° लेबर पेनà¥à¤¸ (premature labor pains) कहा जाता है। इà¤à¤¸à¥‡ में तà¥à¤‚रत असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाना चाहिये।
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